Friday, November 30

Elbert Einstein Biography in Hindi | अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी

Elbert Einstein Biography in Hindi | अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी

आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च,1879 को जर्मनी के युम (Ulm) नगर में हुआ था। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नही थी ,परन्तु वह लगन के बहुत पक्के थे। अपने शौक-मौज पर वे एक पैसा भी खर्च नही करते थे। उन्होंने जैसे - तैसे ज्युरिक पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रवेश ले लिया एव अपने खर्चो को न्यूनतम कर दिया था। उनकी मितव्ययिता का एक किस्सा काफी लोकप्रियो है ,जिससे में आज इस पोस्ट में आप सबको बताऊंगा।

एक बार बहुत तेज़ वर्षा हो रही थी। आइंस्टीन अपनी हैट को बगल में दबाये ,जल्दी जल्दी घर जा रहे थे। छाता न होने के कारण भीग गए थे। रास्ते मे एक सज्जन ने पूछा कि भैयाजी तेज़ बारिश हो रही है और आप हैट से सिर ढकने के बजाए उसे कोट में छुपाकर चले जा रहे हैं।

Elbert Einstein Biography in Hindi | अल्बर्ट आइंस्टीन की जीवनी

इस पर आइंस्टीन ने कहा कि मेरा सिर तो बाद में सुख जाएगा,लेकिन हैट गीला हो गया तो मेरे पास नया हैट खरीदने के लिए पैसे भी नही है। आइंस्टीन बचपन मे बहुत मंदबुद्धि थे,लेकिन आगे बढ़ने की चाह हमेशा उन पर हावी रहती थी। उनका पड़ने में मन नही लगता था,फिर भी वे किताब हाथ से नही छोड़ते थे, मन को समझाते एंव वापस पढ़ने लगते। उन्हें अयोग्य एंव मन्दबुद्धि कहा जाता तंग।

आइंस्टीन ने एक बार अपने गुरु से पूछा , " में अपने बुद्धि का विकास कैसे करूँ ?" अध्यापक ने कहा " अभ्यास ही सफलता का मूल मंत्र है।" आइंस्टीन ने इसे अपना गुरुमंत्र मान लिया और निशचय किया कि अभ्यास के बल लार मै एक दिन सबसे आगे बढ़कर दिखाऊंगा।बचपन मे मन्दबुद्धि एंव अयोग्य कहलाने वाला यह युवक अभ्यास के बल पर दुनिया के सबसे विलक्षण वैज्ञानिको में माना गया है।

आज जहा युवक ,अपनी कृतिम व भौतिक आवश्यकताओं पर ही ध्यान देते है,कुछ सीमित साधनों का रोना रोते है,कुछ विपरीत परिस्थितियों को असफलता के लिए जिम्मेदार ठहराते है, उनके लिए आइंस्टीन जीवन्त उदाहरण है।

उनकी आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि ज्यूरिक कॉलेज में एक अध्यापक मिकोत्सी ने उनकी आर्थिक सहायता की थी। शिक्षा पूरी होने के बाद उनको थोड़ा भटकना पड़ा, तब भी उन्होंने निराशा को अपने ऊपर हावी नही होने दिया।

बचपन मे उनके माता पिता द्वारा दिये गए संस्कार एंव शिक्षा ने उनका मनोबल हमेशा ऊँचा बनाए रखा। उनजे माता-पिता ने उन्हें ,ईश्वर की सत्ता में विश्वास रखने के संस्कार दिए। उनका मानना था कि " एक अज्ञात शक्ति ,जिससे ईश्वर कहते है, संकट के समय उस पर ही विश्वास करने वाले लोगो की अद्भुत सहायता करती है।"

आइंस्टीन का जीवन मानव जाति की चिर सम्पदा बना गया है उनके सहयोग को यह संसार कभी नही भूल सकता ।

आइंस्टीन ने एक बार कहा था कि " मैं उन लोगो को धन्यवाद देता हूं, शुक्रिया अदा करता हु, जिन्होंने मुझे मदद करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उनके कारण ही में स्वयं अपनी सहायता कर पाया और सफल हुआ।

Sunday, November 11

महात्मा गांधी की जीवनी | Mahatma Gandhi Biography In Hindi | SabkiMadad

महात्मा गांधी की जीवनी



दोस्तों आज की बायोग्राफी पाठ में आज मैं आपको हमारे राष्ट्र पिता मोहनदास करमचंद गांधीजी के बारे में जानेंगे। ऐसे तो आपने कई जगह गांधी जी के बारे में पढ़ा या जाना होगा लेकिन उनमें से ज्यादातर किताबों में भारत के स्वतंत्र आंदोलन में उनकी भूमिका के बारे में ही बताया जाता हैं। लेकिन आज हम महात्मा गांधी जी के बारे में उनके जन्म से लेकर उनके मृत्यु तक की सारी बातें जानेंगे। तो शुरू करते हैं महात्मा गांधी की पूरी जीवनी हिंदी में।



महात्मा गांधी की जीवनी | Mahatma Gandhi Biography In Hindi

महात्मा गांधी की जीवनी | Mahatma Gandhi Biography In Hindi | SabkiMadad

महात्मा गांधी तथा मोहनदास करमचंद गांधी भारतीय स्वतंत्र सेनानी के प्रमुख नेता थे और भारत के स्वतंत्र होने में उनका सबसे ज्यादा हाथ था। खासकर उनकी अहिंसा दारा प्रचालित आंदोलन काफी मददगार रही थी और भारत को स्वतंत्र बनाने का प्रमुख कारण भी बने। अहिंसा दारा चालित उनके आंदोलन में से असहयोग आंदोलन , नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन ही प्रमुख हैं।  इन्हीं अहिंसा और सत्यता के दम पर लड़ाई लड़ के भारत को स्वाधीन करने के लिए आज उनको पूरी दुनिया महात्मा गांधी के नाम से जाने जाते है जिसका अर्थ होता है महान आत्मा। उन्हें राष्ट्र पिता कहकर सम्मानित करने वाले प्रथम व्यक्ति थे सुभाष चन्द्र बोस। बोस ने 3 जुलाई 1944 में रंगून रेडियो में महात्मा गांधीजी के लिए जारी किया गया प्रसारण में गांधीजी को पहली बार राष्ट्र पिता कहकर पुकारा था। उन्हें बापू जी कहकर भी पुकारा जाता है जिसका अर्थ होता है पिताजी। उनकी जन्म जयंती को पूरे देश में गांधी जयंती के रूप में और पूरे विश्व में अन्त राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

प्रारंभिक जीवन

महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्तूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनके पिता का नाम करमचंद गांधी था और माँ का नाम पुतलीबाई था। महात्मा गांधी जी के पिताजी पोरबंदर के दीवान तथा मंत्री थे। उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई राजकोट में संपन्न किया था। 13 साल की उम्र में ही उनका विवाह 14 साल की कस्तूरबा माखनजी से हो गयी थी। जब उनकी शादी हुई थी तब उनको शादी का मतलब भी नहीं जानते थे। तब उनके लिए शादी का मतलब था नए कपड़े और मिठाइयाँ। जब गांधी जी 16 साल के और उनकी पत्नी 17 साल के थे तब उनका पहला बच्चा हुआ था जो की सिर्फ कुछ दिन ही जीवित रहे थे। उसके बाद कस्तूरबा जी ने 4 बेटे को जन्म दिया। उनके नाम थे हरीलाल , मनीलाल , रामदास और देवदास।

शिक्षा

गांधी जी ने 18 साल की उम्र में 1887 में अहमदाबाद के एक उच्च विद्यालय से अपनी स्कूल की पढ़ाई खतम करने के बाद उन्होंने भावनगर के शामलदास कॉलेज से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय के यूनिवरसिटि कॉलेज से अपनी बेरिस्टर की पढ़ाई की थी। 1891 में 22 साल की उम्र में वे लंडन से वापस भारत आ गए थे और मुंबई में अपनी वकालत की अभ्यास करने लगे लेकिन वहां उन्हें सफलता नहीं मिली और वह वापस अपने घर राजकोट चले गए।

दक्षिण अफ्रीका में नागरिक अधिकार के लिए आंदोलन और महात्मा गांधी की भूमिका राजकोट में उनसे दादा अब्दुल्लाह नामक एक व्यापारी मिलने आए और उन्हें अपने चचेरे भाई की वकालत करने के लिए दक्षिण अफ्रीका जाने का निमंत्रण दिया। 1893 में गांधी जी दक्षिण अफ्रीका चले गए। वहाँ पर उन्होंने वर्ण और परंपरा के लिए बहुत ही भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्हें वैध टिकट होने के बावजूद प्रथम श्रेणी में सफर करने से माना किया गया और नहीं मानने पर उन्होंने मार भी खाई थी। इनके अलावा बहुत ऐसी बातों का जिक्र मिलता हैं की किस तरह से वहाँ उनके साथ भेदभाव हुआ। यहाँ तक की अदालत के न्यायाधीश ने भी उनको अपनी पगड़ी उतारने को कहा था। हाला की उनका काम 1894 में ही समाप्त हो गया था लेकिन वे दक्षिण अफ्रीका में चल रही इस भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने के लिए वही ठहर गए। वहाँ वे 21 साल रहे और वही उन्होंने सत्याग्रह और अहिंसा आंदोलन की नींव रखी थी। 21 साल की कड़ी प्रतिवाद के बाद कम से कम गांधी जी भारतीय लोगों को vote देने का अधिकार और भारतीय विवाह प्रक्रिया को कानूनी तौर से वैध बनाने में कामयाब हो सके। गांधी जी अफ्रीका के मूल निवासियों के लिये भी प्रेरणा के श्रोत रहे थे। क्योंकि वहाँ के मूल निवासी भी कुछ उसी तरह के भेदभाव का शिकार थे।

भारत वापसी और स्वतंत्र संग्राम 

1915 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेता गोपाल कृष्ण गोखले के अनुरोध पर गांधीजी वापस भारत लौट आए और भारत के समस्या , राजनीति की बुझ लेने लग गए। गांधी जी के दक्षिण अफ्रीका में किए गए कामों के कारण विश्व में उनकी अच्छी छवि बन चुकी थी और काफी कम समय में वे बहुत ही लोकप्रिय बन गए थे। गांधी जी ने 1920 में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नेतृत्व करने लगे और लगातार ब्रिटिश राज से अपनी मांग करते रहे और अंत में 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को स्वाधीन करार कर दिया। लेकिन ब्रिटिश राज ने अभी तक भारत की स्वतंत्रता को मंजूरी नहीं दिया था। फिर अंत में भारत को विभाजित करके ब्रिटिश ने भारत और पाकिस्तान को 1947 में आजादी दे दी।

चंपारण और खेड़ा आंदोलन (
Kheda Movement)

जब गांधी जी भारत आए थे तब उनको ब्रिटिश राज के नियम से कोई शिकायत नहीं थी बल्कि वे ब्रिटिश राज के काम से खुश थे। लेकिन चंपारण और खेड़ा में हुए वाकयात से उनका मन दृष्टि ब्रिटिश राज के लिए बिलकुल ही बादल गया। वे समझ गए थे की ब्रिटिश भारतीय लोगों के साथ सालो से अत्याचार करते आ रहे हैं और वे स्वराज तथा स्वाधीन भारत की कल्पना करने लग गए। 1917 में बिहार के चंपारण में भूमि कर को लेके जो अत्याचार वहाँ के किसानों के साथ हुए थे उनको विस्तार से समझ ने के बाद और सालो से हो रहे अन्याय को जानने के बाद उनके मन ने ब्रिटिश राज विरोधी भावना यों का उजागर होता है।


इस घटना के कुछ ही महीने बाद 1918 में  खेड़ा में भी उसी तरह का वाकयात होता है जिसके बाद उनकी ब्रिटिश विरोधी मन दृष्टि और मजबूत हो जाती है। उसके बाद वे आजाद भारत के निर्माण के लिए चल पड़ते है।


गांधी जी के 3 प्रमुख आंदोलन

असहयोग आंदोलन (
Non-Cooperation Movement) : 1909 से ही गांधी जी ने हिन्द स्वराज की परिकल्पना करने लगे थे। उन्हें यह मालूम हो गया था की लोगों के साथ हो रहे अत्याचार की सबसे बड़ी वजह ब्रिटिश राज के प्रति लोगों का डर हैं और यह डर स्वराज से ही खतम हो सकता हैं। जब गाँव के लोग अपने पेड़ों पर खरे हो सकेंगे और ब्रिटिश राज के ऊपर निर्भर होना छोर देंगे तभी लोगों को उनका हक मिलेगा। हिन्द स्वराज का मतलब ही था भारत के पिछले इलाके में रह रहे लोगों को आत्म निर्भर बनाना। गांधी जी का कहना था की ब्रिटिश राज शक्तिशाली होने का कारण ही यही है की लोग उनसे ऊपर निर्भर है। अगर लोग ब्रिटिश का सहयोग नहीं करते , उनके कारखाने में बनी छीजो को उपयोग नहीं करते हैं तो ब्रिटिश राज की ताकत अपने आप ही कम हो जाएगी।

असहयोग आंदोलन की शुरू वात होती है रॉलेट एक्ट को लेकर। ब्रिटिश सरकार 1919 के फ़रवरी महीने में भारत में रॉलेट एक्ट लागू करते है। जिसके विरोध में गांधी जी लोगों को सत्याग्रह में शामिल होने को कहते है। सरकार विरोधी यह आंदोलन हिंसा ना हो इसका भी गांधी जी पूरा खयाल रखते थे और लोगों को हिंसा ना करने की सलाह भी देते थे। असहयोग आंदोलन ने बहुत ही जल्द लोकप्रियता हासिल कर ली थी और लोग इसके समर्थन में एक जुट होकर खरे थे। जब ब्रिटिश राज को लगा की अब परिस्थिति नियंत्रण में नहीं रही तब उन्होने गांधी जी को गिरफ्तार कर लिया और उसी के साथ भारतीय राष्ट्रीय कोंग्रेस भी दो गुटों में बट गयी। एक दल का नेतृत्व सदन में पार्टी की भागीदारी के पक्ष वाले चित्त रंजन दास तथा मोतीलाल नेहरू ने किया तो दूसरे दल का नेतृत्व इसके विपरीत चलने वाले चक्रवर्ती राजगोपालाचार्य और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया। उसके अलावा गांधी जी चाहते थे की यह आंदोलन अहिंसा से किया जाये लेकिन देश की विभिन्न प्रान्तों से हिंसा की खबर आ रही थी जिसके कारण गांधी जी को यह आंदोलन हमेशा के लिए स्थगित रखना पड़ा।

नमक सत्याग्रह (
Salt March: असहयोग आंदोलन स्थगित होने के बाद भी गांधी जी बाकी छोटे छोटे विषय पर विरोध करते रहे। 1928 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गांधी जी ने ब्रिटिश राज को भारतीय साम्राज्य को सत्ता प्रदान करने के लिए कहा और उसके बाद 1 साल तक ब्रिटिश सरकार के जवाब का इंतजार करते रहे। ब्रिटिश सरकार की तरफ से जवाब न मिलने के कारण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार 31 दिसम्बर 1929 में लाहोर में भारतीय झंडा फहराया और 26 जनवरी 1930 को लाहोर में ही भारतीय स्वतंत्र दिवस भी मनाया गया। उसके बाद मार्च 1930 में नमक कर के प्रतिवाद में गांधी जी गुजरात में नमक सत्याग्रह करते है और अहमदाबाद से दांडी तक पैदल यात्रा करते है। इस पद यात्रा में बहुत ही भीड़ इकट्ठा होते हैं और इसके जवाब में ब्रिटिश सरकार महात्मा गांधी सहित 60,000 लोगो को गिरफ्तार करते हैं।

भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement) : जनवरी 1931 को गांधी जी को कारागार से रिहा किया जाता है और उसके 2 महीने के अंदर ही गांधी जी लॉर्ड इरविन से नमक सत्याग्रह तोड़ने का समझौता करते है। इस समझौता में गांधी जी सत्याग्रह तोड़ने के बदले में सत्याग्रह में गिरफ्तार किए गए सारे लोगों को रिहाई और भारतीय लोगों को नमक प्रस्तुत करने की अनुमति मांगते है और लॉर्ड इरविन इसके लिए तैयार हो जाते है। 1932 में महात्मा गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को छोड़ देते है और देश के बाकी समस्या समाधान के लिए काम करते है। वही कांग्रेस का नेतृत्व जहरलाल नेहरू के हाथ में आ जाता है।

1942 में गांधी जी भारत छोड़ो आंदोलन को आरंभ कर देते है और लोगों से ब्रिटिश राज को पूरी तोड़ से सहयोग देने को माना करते है। वही दूसरी तरफ दूसरे विश्व युद्ध की वजह से ब्रिटइन की ताकत बहुत ही कम हो गयी थी। उसके बाद गांधी जी को और कांग्रेस के अन्य सदस्य को गिरफ्तार किया जाता हैं। गांधी जी को 2 साल तक बंदी बनाया गया और उसी बीच उनकी पत्नी की 74 साल के उम्र में मृत्यु हो जाती है। गांधी जी को 6 मई 1944 में उनकी खराब स्वास्थ्य के कारण रिहा किया जाता है। दूसरे विश्व युद्ध के अंत में ही ब्रिटिश राज ने भारत को स्वतंत्रता देने का संकेत दे दिया था।

1945 के ब्रिटिश साधारण चुनाव में Labour Party की जीत हो जाती है और उसी के साथ भारत की स्वतंत्रता तथा देश विभाजन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। अंत में 14 अगस्त 1947 को देश विभाजित हो जाता है और नया राष्ट्र पाकिस्तान का जन्म होता है। पाकिस्तान के आजाद होने के एक दिन बाद भारत को भी कानूनी तौर पर स्वतंत्रता मिल जाता है।

गांधी जी की हत्या (Death Of Mahatma Gandhi)

गांधी जी को हिंदु महासभा के साथ संबंधित नाथूराम गोडसे द्वारा बिड़ला भवन में गोली मारकर हत्या कर दी गई। गांधी के हत्यारे नथुराम गोडसे ने गांधी जी को पाकिस्तान को भुगतान करने के मुद्दे को लेकर भारत को कमजोर बनाने के लिए जिम्मेदार ठहराया था और उसी वजह से उन्होंने गांधी जी की हत्या की थी। गोड़से और उनके सह षड्यंत्रकारी नारायण आप्टे को १५ नवंबर १९४९ को फांसी दे दी गई।

Author Bio:

Name – Biswajit Sharma

Occupation – Content Writer/Blogger

Website – www.tuhiranews.com

Personal Email – biswajitbimoli@gmail.com

Blog Email – mail@tuhiranews.com

About Biography – यह जीवनी उन लोगों के लिए है जो महात्मा गांधी जी के बारे में शुरू से जानना चाहते है और उनकी विचारधारा के बारे के जानना चाहते हैं। आशा करता हु आपको यह जीवनी पढ़कर कुछ सीखने को मिला हो। अगर आपको हमारी यह article पसंद आई तो अपने दोस्तो के साथ जरूर share करें।

About Me – दोस्तों मेरा नाम विस्वजित शर्मा है और पेशे से मैं एक ब्लॉगर हूँ। अगर आपको मेरा लेख पसंद आया है तो आप मेरे वैबसाइट www.tuhiranews.com पर मेरे लेख पढ़ सकते हैं।

Monday, October 22

मोबाइल से Bank Balance कैसे Check करे । SabkiMadad



आज के समय मे हर काम तेजी से हम घर बैठे कर सकते है। यह दुनिया बदल रही है और साथ ही Digital Field में बहुत आगे जा रही है। आप बिना Bank गए ही अपने खाते का बैलेंस पता कर सकते है उसके साथ हो  आज कल बहुत से UPI पर Based Applications है जैसे Paytm, PhonePe, Bhim App जिसकी मदद से आप Mini Statement,Balance Transfer जैसी Services का भी फायदा उठा सकते है।


मोबाइल से Bank Balance कैसे Check करे । SabkiMadad

पहले Bank Balance Check करने के लिए हमे Bank में जाकर पासबुक Update करना होता था,लेकिन आज आप वही काम घर बैठे कर सकते है।

मोबाइल से Bank Balance कैसे Check करे । SabkiMadad



आज के इस पोस्ट में हम सीखेंगे की हम घर बैठे Miss call या SMS के जरिये किसी भी बैंक (SBI, HDFC, ICICI, BOB, CBI, PNB, Axis,) के Bank Balance को कैसे पता कर सकते है। अगर आपकर पास इंटरनेट Connection है तो भी आप Bank के Official पर जाकर अपना Email & Password से Login करके भी बैंक खाते में कितना Balance है पता कर सकते है। अगर आपके पास Internet Connection नही है तो आप बस Miss call देके बैलेंस पता कर सकते है।

Check Bank Balance Through Miss call/Toll free Number| मिस्सकॉल के द्वारा बैंक बैलेंस कैसे चेक करे



मोबाइल से Bank Balance check करने के लिए आपको Mobile Number Bank Account से Register होना जरूरी है ,वरना आप बैलेंस चेक नही कर सकते। आपको याद होगा जब हम बैंक में खाता खोलने जब जाते तब Form में हमे अपना मोबाइल नंबर भी देना होता है। अगर आपका मोबाइल नंबर बैंक एकाउंट में Registered नही है तो आप Bank में जाकर भी Register कर सकते है।

जैसा कि आप सब जानते है 2000 जे नोट बंद होने के बाद Digital Payment System को लाया गया है। दुनिया कर सभी देशों के Government Cashless Transaction को बढ़ावा दे रही है जिसकी वजह से Internet Banking,Mobile Banking,USSD SMS Service,UPI Mobile Banking और Net Banking जा इस्तेमाल काफी बढ़ गया है।

1. State Bank के Bank Balance कैसे Check करे

SBI Quick- Miss call Banking Customer को यह Service प्रदान करती है को Customer अपना SBI Account के Bank Balance के साथ Mini Statement भी SMS जे जरिये पा सकते है।

अगर आपका नंबर Register नही है तो आप यह लिखकर Message करना होगा,

SMS, "REG<Space>Account Number" to 09223488888

फिर नंबर Registered होने के बाद आप इस नंबर पे Misscall देके बैलेंस पता कर सकते है।

Miss call on 09223766666


2. Punjab Bank के Bank Balance कैसे Check करे

PNB Bank में यह Facility सिर्फ उन ही Customer को मिलती है जिनका मोबाइल नंबर बैंक में Register है।अगर आपका पंजाब बैंक में अककॉउंट है लेकिन अभी तक आपने रजिस्टर नही करवाया है तो आप इस नंबर पर कॉल करके Register करवा सकते है।

Call - 1800 180 2223 (Toll free)

उसके बाद आप इस नंबर पे Miss call देके Balance पता कर सकते है।

Miss call on 01202303090

3. HDFC Bank के Bank Balance कैसे Check करे

HDFC Bank Account में Balance Check करने के लिए आप नीचे दिए गए नंबर का उपयोग कर सकते है।

Check Account Balance- 18002703333

Mini Statement - 18002703355

Account Statement - 18002703377

4. ICICI के Bank Balance कैसे Check करे

Balance Inquiry - 02230256767

Mini Statement - 02230256868

SMS के जरिये से भी आप Balance Check कर सकते है उसको लिए आप Message करना होगा,

"IBAL" <Last 6 Digit Account Number>to 9215676766

5. Axis Bank के Bank Balance कैसे Check करे

दूसरे बैंक की तरह Axis Bank में भी बैलेंस पता करना बहुत आसान है।

For Account Balance - 1800 419 5959

For Mini Statement - 1800 419 6969

6. Central Bank के Bank Balance कैसे Check करे

For Balance Check - 09222250000

7. BOI के Bank Balance कैसे Check करे

अगर आप Bank Of India Bank Account का Balance Check करना चाहते है तो इस नंबर पर Miss call दीजिये।

For Balance Enquiry - 09015135135

8. IDBI Bank के Bank Balance कैसे Check करे

अगर आप IDBI बैंक में अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करना चाहते है तो आप SMS कर सकते है।

REG <Space> Account Number to 5676777 or 982346920/ 982104378

For Balance Enquiry - 1800843122

9. Kotak Mahindra Bank के Bank Balance कैसे Check करे

For Balance Enquiry - 18002740110

10. UBI Bank के Bank Balance कैसे Check करे

United Bank में Balance Check करने के लिए आप इस नंबर पे Miss call करे

Balance Check -09223008586

For Mini Statement - 09223008486

11. UCO Bank के Bank Balance कैसे Check करे

For Balance Check - 08278792787

12. Bandhan Bank के Bank Balance कैसे Check करे

Balance Details - 18002588181

13. USSD Code Dial करके Bank Balance कैसे पता करे

*99*41# – State Bank of India

*99*42# – Punjab National Bank

*99*43# -HDFC Bank

*99*44# -ICICI Bank

*99*45# – Axis Bank

*99*46# – Canara Bank

*99*47# – Bank of India

*99*48# – Bank of Baroda

*99*49# – IDBI Bank

*99*50# – Union Bank of India

*99*51# – Central Bank of India

*99*52# – India Overseas  Bank

*99*53# – Oriental Bank of Commerce

*99*54# – Allahabad Bank

*99*55# – Syndicate Bank

*99*56# – UCO Bank

*99*57# – Corporation Bank

*99*58# – Indian Bank

*99*59# – Andhra Bank

*99*60# – State Bank Of Hyderabad

*99*61# – Bank Of Maharashtra

*99*62# – State Bank Of Patiala

*99*63# – United Bank of india

*99*64# – Vijaya Bank

*99*65# – Dena Bank

*99*66# – Yes Bank

*99*67# – StateBank Of Travancore

*99*68# – Kotak Mahindra Bank

*99*69# – Induslnd  Bank

*99*70# – State Bank of Bikaner And Jaipur

*99*71# – Punjab And Sind Bank

*99*78# – DCB Bank

*99*79# – Ratnakar Bank

*99*80# – Nainital Bank

*99*81# – Janata Sahakari Bank

*99*82# – Mehsana Urban Co-OPerative Bank

*99*83# – NKGSB Bank

*99*84# – Sarawat Bank

*99*72# – Federal Bank

*99*73# – State Bank of Mysore

*99*74# – South India Bank

*99*75# – Karur vysya Bank

*99*76# – Karnataka Bank

*99*86# – Bhartiya Mahila Bank

*99*87# – Abhyudaya Co-Operative Bank

*99*88# – Punjab & Maharashtra Co-Operative Bank

*99*90# – Gujarat State Co-Operative Bank



तो दोस्तो इस तरह से आप अपने मोबाइल नंबर के जरिये अपना बैंक बैलेंस (Bank Balance) पता कर सकते है। अगर आपको Balance Check करने में कोई परेशानी हो रही है तो आप नीचे Comment कर सकते है,में आपके सवाल का जवाब जरूर दूंगा।

अगर आपको यह पोस्ट (How to Check Bank Balance From Internet) पसंद आया तो अपना कीमती समय निकालकर इस Post को ज़्यादा से ज़्यादा लोगो तक पहुचाइए,जिससे आपके साथ साथ किसी और कि भी मदद हो जाएगी।

Sunday, October 21

Blog ya Website Ke Liye Adsense Account Kaise Banaye



Website या Blog से पैसा कमाने के लिए Google Adsense Best Ad Network है। यह दूसरे Ad Network की तुलना में बहुत बढ़िया है। कोई Adsense Publisher इसकी मदद से बहुत सारे पैसे कमा सकता है। लगभग सभी Blogger का सपना होता है कि उनके पास एक Adsense Account हो ,जहा से वो ढेर सारा पैसा कमा सके। But ज़्यादातर ब्लॉगर इंसमे असफल रहते है ऐसा इसलिए क्योंकि उनका Adsense Account Approved नही होता है। आज के समय मे Adsense के Terms and Conditions बहुत ही ज़्यादा Strict हो गया है जिसकी वजह से Adsense Approval लेना थोड़ा कठिन हो गया है।


Blog ya Website Ke Liye Adsense Account Kaise Banaye

Blogging हो या YouTube दोनो के लिए Adsense Account बनाना बहुत ही जरूरी है,क्योंकि इससे हम पैसे कमा सकते है। हालांकि दूसरे Ad Network भी लेकिन Adsense जितना Pay करने वाला और Trusted नही है।

आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे कि अपने Blog के लिए Google Adsense Account (How can i Apply Adsense on my Blog) कैसे बनाते है। में एक एक Step Step बताऊंगा आप मुझ Follow Adsense Account बना सकते है।

Blog ya Website Ke Liye Adsense Account Kaise Banaye

New Blog के लिए Adsense Account बनाना बहुत आसान है,बस आपको अपने Blog में कुछ Basic Rules को Follow करना होगा,जिसके बाद आपका Adsense Account Approved हो जाएगा और आप उसको अपने ब्लॉग लिए इस्तेमाल कर सकते है।

Adsense Account बनाना के लिए आपके पास एक Website,Blog या YouTube Channel और साथ ही एक Email ID का होना बहुत जरूरी है। याद रहे कि आप एक Email ID से एक ही Account बना सकते है। क्योंकि Adsense एक से ज़्यादा Account बनानी की अनुमति नही देता। यह उनके Policy के खिलाफ है।


Google Adsense Account Kaise Banaye Puri Jankari

#1 सबसे पहले आप Adsense.com पर चले जाइये और Site Open होने के बाद Sign Up पर Click पर Click करे।




#2 अब आपको यहा अपने Website का URL डालना डॉग और अपना अपना Email ID उसके बाद Yes पर Click करके Save and Continue पर Click कीजिये




#3 Now आपको अपनी Website का URL को Enter करना होगा और आपका Website किस भाषा मे हौ उसको Choose करना होगा,जैसे कि अगर आपका Website Hindi Language पर है तो आप Hindi- हिंदी Select कीजिये।




#4 अब आपको यहा पर अपना Payment Address Details Fill करना होगा,जैसे आपका नाम, आपका पता, आपका City, Postal Code,आपका Phone Number etc.






Finally ,आपका Adsense Account बन गया है,अब Adsense की Moderator Team आपके Site को Review करेगी अगर आपका Website Approved हो जाता है तो आपको Mail मिल जाएगी। जिसके बाद आप अपने Blog Adsense के Ads लगा सकते है।

अगर आपको Adsense Account बनाने कोई परेशानी हो रही है तो आप नीचे Comment में पूछ सकते है। अगर आपको यह Post Helpful लगी तो आप अपना कीमती समय निकाल कर इस पोस्ट को Share जरूर करे।

Saturday, October 20

YouTube को Adsense Account सेे कैसे Connect करे | SabkiMadad



हम सब जानते है YouTube दुनिया की सबसे बड़ी Video Streaming Platform है। जहां पर हम वीडियो अपलोड करके पैसा कमा सकते है। और यह ऑनलाइन पैसा कमाने का सबसे आसान तरीका है। बस आपको करना क्या होगा ,कुछ Videos बनाना होगा और YouTube पे Upload करना होगा। यहा तक तो ठीक है ,यह करना बहुत आसान है और हम सब आसानी से कर सकते है,लेकिन जब बारी आती है Adsense Account को YouTube Account से Link करने की तो हम सब नही जानते को आखिर Adsense को YouTube से कैसे जोड़े।
YouTube को Adsense Account सेे कैसे Connect करे | SabkiMadad
अगर आप नही जानते की YouTube पर Account कैसे बनाते है तो आप इस Post को पढ़ सकते है। इस पोस्ट में में आपको अपने YouTube Channel को Monetize कैसे करते है या Adsense को YouTube से Connect कैसे करते है इस बारे बताऊंगा। आप इस Post को Follow करके अपने YouTube चैनल को Adsense से Monetize कर सकते है।
YouTube को Adsense Account सेे कैसे Connect करे

पहले के मुकाबले अब YouTube में बहुत सारे बदलाव हो गए है,पहले हम सीधा Video अपलोड करके पैसा कमा सकते थे,लेकिन अब ऐसा नही है। YouTube के Policy में बहुत सारे Changes आ गया है।
Step 1 - सबसे पहले आप अपनी Gmail ID से YouTube.com पर Login कर लीजिए।
Step 2 - अब आपको कुछ इस तरह का interface देखने को मिलेगा ,अब यहा से Video Manager पर Click कीजिये।
Step 3 - Now, आपको Monetization को Enable करना है, अब आप Enable के Option पर क्लिक कीजिए।
Step 4 - Adsense के लिए Apply करने से पहले आपको YouTube Partner Program के Terms and Policy's को Accept करना होगा, Now आप Start Button पर Click कीजिय
Step 5 - आपको यह पर YouTube Partner के Terms के Conditions को Accept करना होगा,उसके लिए आप I Accept पर दबाइये।
Step 6 - अब आपको कुछ इस तरह का Screen देखने के मिलेगा,आप नीचे Screenshot देख सकते है। अगर आपके पास पहले से Adsense Account है तो आपको बस Accept Association पर क्लिक करना होगा।अगर आपके पास पहले से Adsense Account नही है तो आपको यह पर नाम और Email डालना होगा।




Step 7 - Now ,आपको Set Preferences पर Click करना होगा।
Step 8 - अब आप यहा से Ads को Choose कर सकते है कि आप किस तरह का Ad अपने वीडियो में दिखाना चाहते है।
Step 9 - Congratulations आपका चैनल Monetize के लिए Ready हो गया है ,जैसे ही आपके चैनल लार 4000 Watch Hours और 1000 Subscribers Complete हो जाएगा तबYouTube की Team आपके चैनल को Review करेगी उसके बाद आपका चैनल Monetize हो जाएगा। अब आप YouTube से पैसे कमा सकते है।
अगर आपके पास पहले से YouTube पर Account नही है तो आपका Adsense Account Hosted Account बन जाएगा। जिस से आप सिर्फ YouTube पर ही Ad दिखा सकते है।


I Hope दोस्तो आप जान गए होंगे आखिर हम YouTube Account को Adsense से Connect कैसे कर सकते है (How to Connect  your YouTube Channel With Adsense Account) ,इस तरह से आप अपने वीडियोस को Monetize करके बहुत सारा पैसा काम सकते हैं
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