Wednesday, 28 January 2018

Wednesday, July 19

Success Story Of Blipper Founder,कभी था घर से भागा, आज है अरबपति

Success Story Of Blipper Founder,कभी था घर से भागा, आज है अरबपति
कोयले की खदानों वाले धनबाद में उसका Ghar था। पिता उसे Engineer बनाना चाहते थे। लेकिन वो इससे भी आगे कुछ करना चाहता था। वो जैसे-जैसे बड़ा हो रहा था, उस पर थोपे जाने वाले फैसले और विकराल होते जा रहे थे। उम्र 14 की थी जब वो Family Problem के चलते Ghar से भाग गया। 

वो Delhi आया और मुनिरका Illake की झुग्गी बस्ती को Ghar बना लिया। Delhi में गुजर-बसर करने लिए वो दो Job करता था। दिन में घरों में News Paper बांटने जाया करता था और रात में चाय का Stall लगाता था।
झुग्गी बस्ती में काम करने के दौरान एक दिन उस लड़के की नजर English Newspaper के एक इश्तेहार पर पड़ी। इश्तेहार Business Plan (व्यापार कैसे किया जाए) competition का था। लड़का Internet के बढ़ते प्रसार और उसके जरिए बनती नई संभावनाओं से भलीभांति वाकिफ था तो उसने भी competition में अपना Plan बताया। उसका Plan सबसे अच्छा साबित हुआ और उसे Winner Annouched किया गया।
अखबार के Competition से उसे बतौर इनाम कुछ धनराशि भी मिली। एक Dost के पिता Bank में काम करते थे। उसने उनसे भी कुछ Paisa उधार लिया। रुपयों इकट्ठा कर उसने एक Website बनाई। ये Website थी womeninfoline.com। portal पूरी तरह से महिलाओं को समर्पित था। portal को लोगों ने हाथों-हाथ लिया।
Portal से हुई कमाई से उसने London का रुख किया। London School Of Economics से उसने Master Degree हासिल की। इस दौरान उसने कई Company के लिए काम किया। कुछ में सह-संथापक भी रहा। Briten की Insurance कंपनी Swiftcover और Social Network 'Stock' में उसने Co-Founder के साथ-साथ Head Of Innovation की भूमिका निभाई। साल 2007 में स्विफ्टकवर को एक्सा इंश्योरेंस ने खरीद लिया।
एक्सा इश्योरेंस में काम करते हुए उसकी मुलाकात एक और जुनूनी लड़के से हुई। दोनों ने बाजार में Ek App Launcha करने का Plan बनाया। New Internet की दुनिया में App ने धूम मचा दी। हो सकता है आप भी उस App का इस्तेमाल करते हों। वो ऐप है Blipper . इसे बनाने वाला वो भारतीय लड़का है अंब्रीश मित्रा। ब्लिपर बनाने में उसके दोस्त ओमर तैयब का हाथ रहा। अब्रीश ब्लिपर के CEO है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में Company के 14 ऑफिस हैं। 300 से ज्यादा लोग Blipper के लिए काम करते हैं।
Blipper को साल 2011 में Uk में Launch किया गया था। तब से यूनिलीवर, प्रॉक्टर एंड गैंबल, पेप्सिको, नेसले, हेंज, कोका कोला, लॉरियार और जैगुआर जैसे ब्रांड कंपनी के Partner हैं।
ब्लिपर ऐप आईओएस, एंड्रॉयड, विडोज पर उपलब्ध है। ब्लिप का हिंदी में अर्थ होता रडार लक्ष्य। ये ऐप भी रडार की तरह आस-पास की चीजों को स्कैन करता है और पलक झपकते ही उनसे जुड़ी सारी जानकारियां मुहैया करा देता है।
अंब्रीश के बनाए ब्लिपर से लाखों लोग अपनी नॉलेज में इजाफा कर रहे हैं और कंपनी अरबों कमा रही है। अब्रीश की लीडरशिप में कंपनी कई अवॉर्ड अपने नाम कर चुकी है। पिछले साल सीएनबीसी ने टॉप 50 कंपनियों में ब्लिपर को 19वीं रैंक पर रखा था। जनवरी 2016 में ब्लूमबर्ग ने ब्लिपर को यूके की टॉप बिजनेस इनोवेटर्स की लिस्ट पहले नंबर पर रखा।
धनबाद के इस लड़के का लोहा अंग्रेजी सरकार ने भी माना और इसी साल फरवरी में उसे ब्रिटिश सरकार के ग्रेट ब्रिटेन अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया।
आज 37 वर्षीय अब्रीश भारत ही नहीं दुनियाभर के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत बने हुए हैं।
अब्रीश कहते हैं कि जीवन एक लहर की तरह है। जिसमें सुख, दुख, कठिनाईयां, सफलता, असफलता, अवसर सब बहकर आते हैं। जब भी लगें कि लहरें हमें कुछ सिखाना चाहती हैं, तो उनसे भागने की बजाए उनकी सवारी करनी चाहिए। हालातों का डटकर सामना करना चाहिए।

0 comment:

Post a Comment

Subscribe Our Newsletter

Connect with us