Wednesday, 28 January 2018

Sunday, December 10

Sunil Bharti Mittal Biography In Hindi Airtel Founder Success Story

Aaj Hum Janenege Sunil Mittal Ki Biography Hindi Bharat se bharat ka gaurav banne ki kahani


"में यह साबित करना चाहता था कि एक साधारण सा युवक भी सफल व्यापारी बन कर पूरे संसार मे अपने नाम का डंका बजा सकता है ,"  यह शब्द है भारतीयों टेलिकॉम कंपनी के बेताज बादशाह श्री सुनील भारती मित्तल के । आज पूरे  देश में शायद है कोई ऐसा व्यक्ति  होगा जिसने  उनके Telecome Brand "Airtel" का नाम सुना न हो, केवल भारत ही नही ,बल्कि विश्व के 19 देशों में आज Airtel अपनी Telecome  सेवाएं प्रदान कर रहा है । पर क्या आप विश्वास कर सकते है की यह हजारो करोड़ का साम्राज्य मात्र  20 हज़ार रुपये और एक 18 साल के युवक के सपने के साथ शुरू हुआ था ? पर आप को यह विश्वास करना होगा क्योंकि आज श युवक का वो सपना साकार हो चुका है। तो चलिए जानते है सुनील भर्ती मित्तल के जीवनी के बारे में ।
Education and Early Life
Sunil Bharti Mittal का जन्म Punjab के Ludhiana जिले 1957 में हुआ था । उनके पिता श्री सतपाल मित्तल एक राजनेता थे और दो बार लोकसभा से और एक बार राज्यसभा से सांसद रह चुके थे । उनकी प्रारंभिक शिक्षा Mussoorie के Wynberg Allen School और बाद में Gwaliar के Sindhiya School से हुई । सन 1976 में उन्होंने Punjab University से Graduation जी प्राप्त की थी हालांकि एक राजनीतिक परिवार की आर्थिक स्तिति बहुत ज़्यादा समृद्ध नही था ,पर सुनील के सपने बहुत बड़े थे। वे बहुत मशहूर और अमीर ब्यक्ति बनना चाहते थे पड़ने लिखने की उम्र में भी उनकी दिलचस्पी पढ़ाई लिखाई में नही थी वह खुद का अपना कोई कारोबार स्तापित करना चाहते थे ,जिसके जरिये वो अपने सपने को पूरा कर सके ।
अपने ईश सपने को पूरा करने के लिए मात्र 18 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर मात्र 20 हजार रुपयों से साईकल के parts बनाने का बिज़नेस शुरू किया। हजार रुपयों से Cycle के Parts बनाने का व्यावसाय शुरू किया ,उस समय Ludhiana में Hero Cycle का बहुत नाम और आज भी Hero Cycle का अलग मुकाम है । सुनील मित्तल ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर अपना पहला इस मसहूर हीरो साईकल से ही लिया था ।


AIRTEL Success Story In Hindi | सुनील भारती मित्तल बायोग्राफी इन हिंदी
अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए सुनील भारती मित्तल बताते है ,"मैंने सबसे पहले Cycle के Parts और होजरी के लिए धागे बनाने का बिज़नेस शुरू किया । शुरुआती दिन बहुत ही कठिन थे और में आने व्यवसाई से बड़ी मुश्किल से थोड़ा बहुत काम पाता था लेकिन में हर रोज जब रात को सोने के लिए जाता था तो अपने मन के विश्वास दिलाने के लिए खुद से कहता था कि कल पैसा आने वाले है । अपने मन के इस प्रकार का विश्वास दिलाने के बाद मुझमे एक नया आत्माविश्वास पाई(Self Confidence) पैदा हो जाता था ।
Sunil Bharti Mittal की किसी भी हालत में हार मानने जी ज़िद, कड़ी मेहनत और लगन के परिणाम था कि उनका वो बिज़नेस थोड़ी बहुत कठिनाइयों के साथ ही साथी ,पर चल निकला । पर वह उतने से ही संतोष करने वाले नही थे । जब उन्हें लगने लगा कि वह जो बिज़नेस कर रहे है ,उसमे उनके सपने पूरे नही हो सकते तो उस व्यवसाय को बेच कर लुधियाना से मुम्बई आ गए और Mumbai में वह अपने भाइयों के साथ मिलकर एक नए बिज़नेस की शुरुआत की । उन्होंने अपने नए Business के लिए जो कंपनी बनाई ,उसका नाम था "Bharti Overbridge Trading Company."


Mayanagri Mumbai को सपनो के शहर कहते है इसलिए Sunil Bharti Mittal को भी यही लगा कि अपने सपनो को सच करने के लिए मुम्बई से बेहतर कोई और जगह नही है । Finally उन्होंने मुम्बई में "Bharti Overbridge Trading Company" के नाम से एक नई Company बनाई और उसके जरिये Japan से Portbal Generetaro को मंगा कर भारत मे बेचना शुरू कर दिया । दिलचस्प बात यह थी कि Sunil को  Import Export के Business का बिल्कुल भी अनुभव नही था किंतु फिर भी उनके अंदर कामयाब बनने का ललक थी । इसलिए उन्होंने इस Business की ज़म के Training की और इस प्रकार से खुद को Trained किया। इस नए बिज़नेस मे उनके पिछले Business  का अनुभव तो काम आया है ,साथ ही उनकी हर रोज कुचनाय सीखने की भूख ने भी काफी मदद की सुनील का मानना है कि हर परेशानी एक नए अवसर के रूप में आती है और जो उस परेशानी को सफलता के संकेत मानकर आगे बढ़ते रहते है ,आखिरकार विजय उन्ही को मिलती हैं,उन्होंने अपने इस Formule को तब भी आजमाया ,जब बिज़नेस में पैदा हुई एक विपरीत परिस्तिति के चलते एक झटके में ही उनका सब कुछ खत्म होता हुआ दिखाई पड़ा।

असल में जब उनका Generator Import करने का Business बहुत अच्छा चलने लगा था तभी सरकार ने Import पर अपनी नीति बदल दी जिसके चलते Sunil Mittal का Business रातो रात बंद हो गया । सरकार ने अपनी नई नीति बनाकर विदेशो से Generator के Import पर रोक लगा दी और देशी उद्योग को बढ़ावा देने के इरादे से भारतीयों कंपनियों को अपने देश में ही Generator बनाने का License दे दिया ।
अचानक अपने फलते फूलते Generator Business बंद होने के बाबजूद सुनील भारती मित्तल ने हिम्मत नही हारी। उनका मानना था कि जब आप आगे बढ़ते है तो तमाम तरह से आपके बढ़ते कदमो में अवरोध लगाए ही जाते है । सच तो यह थी कि उन्होंने अपने ज़िन्दगी में निरंतर आगे बढ़ने की कलाi(Art) सिख ली थी ,इसलिए उन्होंने आगे चलकर 'Bharti Telecome Limited' (BTL)) नाम से एक और कंपनी बनाई और उस कंपनी के जरिये Germany की Agee Simensh company के साथ Agreement कर भारत में Push Button Telephone का निर्माण करना शुरू कर दिया । यह सुनील भारती मित्तल की सूझ बूझ की दाग देनी होगी । जिस समय उन्होंने भारत मे Push Button Telephone का निर्माण करना शुरू किया ,उस समय भारत में परंपरागत(Traditional)Ring Button वाले Telephone प्रचलन में था । भारतीयों बाजार ने अति आधुनिक पुश बटन के खूबसूरत से दिखने वाले Phone को हाथों हाथ लिया और देखते देखते  उनका नया बिज़नेस चल निकला ।
यह 1990 के दशक की बात है ।यह कहना भी गलत नही होगा कि उनके इस नए बिज़नेस ने उन्हें उद्दोग जगत का के चमकता सितारा बना दिया ।आगे चलकर बिज़नेस में विस्तार करते हुए सुनील ने अपनी कंपनी के माध्यम से Fax Machine ,Wireless Phone और तमाम तरह के अति आधुनिक दूर संचार उपकरणों का निर्माण भी करना शुरू कर दिया ।


  • Success Story Of Airtel In Hindi | एयरटेल कि सफलता की कहानी

सुनील भारती मित्तल भारत के दूर संचार उद्योग की एक हस्ती के रूप में स्थापित हो ही रहे थे कि तभी एक और घटना हो गयी ।यह 1992 कि बात है । आर्थिक और ओद्योगिक उदारीकरण के दौर में जब भारत सरकार देश मे पहली बार मोबाइल सेवा की शुरुआत जे लिए Licence बांट रही थी । तब सुनील मित्तल को लगा कि यही वह मौका है ,जिससे लपक कर वह न सिर्फ भारत के दूर संचार उद्योग का King बन सकते है ,वरन अथाह दौलत और शोहरत भी कम सकते है ।उन्होंने भारत मे मोबाइल सेवा शुरू करने का लाइसेंस लेने के लिए France की दूर संचार कंपनी 'विवेंडी ' के साथ करार किया और उसके साथ दिल्ली क्षेत्रो का भ सेलुलर Licence प्राप्त किया । 1995 में सुनील भर्ती मित्तल ने Cellular सेवाओ की पेशकश के लिए 'भारती Cellular Limited Brand के तहत कार्य शुरू किया ।जल्द ही Airtel 2 लाख मोबाइल ग्राहकों का आंकड़ा पर करने वाली पहली दूर संचात कंपनी बन गई । इसके बाद भारती Cellular Limited ने 'India One ' नाम से भारत की पहली निजी राष्ट्रीय तथा अंतरास्ट्रीय लंबी दूर की STD और ISD Telephone सेवा प्रारंभ की। सुनील भारती मित्तल की सूझबूझ और व्यावसायिक सफलता का ही उदाहरण है कि आज एयरटेल और उनकी Telecom सेवाओं के दुनिया भर में 20 करोड़ से भी अधिक ग्राहक है ।
भारत में दूर संचार के क्षेत्र में विजय पताका फहराने के बाद सुनील ने दूसरे देशो में अपने कारोबार को फैलाने की कोशिश की । इसके लिए वर्ष 2008-2009 में उनकी कंपनी 'भारती टेलीकॉम ' ने दक्षिणी अफ्रीका स्थित एक टेलीकॉम समूह 'ATM' को खरीदने की कोशिश की ओर कई दौर के बातचित के बावजूद दोनो कंपनियों के मध्य कोई समझौता नही हो सका । कुछ सूत्रों का मानना है कि दक्षिणी अफ्रीकी सरकार शायद इस समझौते को नही होने देना चाहती थी इसलिए यह समझौता नही हो पाया ।
लेकिन सुनील भेटि मित्तल जैसा सुझारु व्यक्ति इतनी आसानी से हार मानने वाला नही था । उन्होंने एक बार फिर से कोशिश की । उनकी यह कोशिश कामयाब हुई ।सुनील की कंपनी 'भारती टेलीकॉम ' ने जून,2010 में एक अन्य दक्षिणी अफ्रीकी टेलीकॉम कंपनी 'जैन टेलीकॉम ' को खरीद लिया । यह अभी तक का किसी भी भारतीयों दूरसंचार कंपनी द्वारा उठाया गया सबसे बड़ा कदम था । इस कदम के साथ ही सुनील भारती मित्तल का Telecom Business South Africa में भी फैल गया ।


अपनी मेहनत और सूझबूझ के बल पर जमीन से उठ कर बुलंदियों के आसमान का सफर करने वाले टेलीकॉम किंग सुनील भारती मित्तल को 2007 में भारत सरकार ने पद्म भूषण के सम्मान से सम्मानित किया जो तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है । यह सम्मान देश के लिए बहुमूल्यो योगदान देने वालों को दिया जाता है । आज देखा जाए तो उनके पास सब कुछ है मगर फिर भी उनका मानना है कि अभी तो बहुत सी मंज़िले बाकी है ।
सुनील भारती मित्तल की इस कहानी से यही संदेश मिलता है कि व्यक्ति जितना भी बड़ा सपना देखता है ,उसे उतना ही बड़ा कामयाबी का मुकाम मिलता है । दरअसल वे सपने ही होते है जो आप की आखों ने पलते है और आप अपने सपनों के हिसाब से उन्हें पूरा करने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाते है । सपनों की शरुआत एक सोच से ही होती है । सोच ही वह माध्यम है जो आप को दुनिया मे कुछ खास करने के लिए प्रेरित करती है । सुनील भारती मित्तल ने अपनी सफलता से यह साबित किया कि इस दुनिया जा कोई भी साधारण से साधारण आदमी अपने संकल्प और प्रयास के बल पर संसार का कामयाब इंसान बन सकता है ।
उम्मीद करता हु आपको हमारी Sunil Bharti Biography In Hindi वाली पोस्ट पसन्द आयी होग़ीब। अपना कमती समय निकालकर इससे शेयर जरूर करे ।

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